शहीदों को बिसारा फिरंगी इश्कबाज को सिमरा ये रही अपनी सभ्यता पहचान

शहीदों को बिसारा फिरंगी इश्कबाज को सिमरा ये रही अपनी सभ्यता पहचान 

चंडीगढ़ ; 14 फरवरी ; आरके शर्मा "विक्रमा" / अल्फा न्यूज़ इंडिया ;--- फिरंगीसभीता की  भारतीय कुछेकयुवा युवतियों ने खूब फूहड़ता सेबेशर्मी केसाथ वेलेंटाइनडे मनाते हुए देश की आजादी के लिए अपने प्राण तक फांसी के  फंदों पर झुलाने वाले वीरों यानि शहीदों की तिकड़ी भगत  सुखदेव राजगुरु तक को भी दिल दिमाग से भी बिसार दिया ! वेलेंटाइनडे के आखिरी दिन मेसकेरेड बॉल , डांस, डीजे, म्यूजिक और लजीज कुजिन के साथ चंडीगढ़वासी वैलेंटाइन डे  के लिए पूरी तरह से तैयार एन्जॉय करते रहे । तकरीबन ट्राइसिटी के तमाम होटल्स, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, क्लब्स व् पब्स  में फिरंगी संत जिसको इश्क में फ़ना  जाना जाता है के इस खास दिन को बड़े उत्साह उमंग और  अपनेपन से सेलिब्रेट किया गया। 

 हर जगह स्पेशल थीम बेस्ड डेकोरेशन, ड्रेस कोड और थीम बेस्ड डिलीशियस कुजिन के साथ वैलेंटाइन डे की रंगीन हसीन पार्टीज का तो जोर पिछले हफ्ते से ही शुरू भी गया था।  शहर में पंजाबी थीम, मस्करेड, चीयर गर्ल्स, डिस्को, बॉलीवुड नाइट जैसी थीम पर पार्टी ऑर्गेनाइज की गईं । वेलंटाइन डे को समर्पित ऐसी ही एक रंगीन पार्टी *हम तुम  मेसकेरेड बाल  हिप्पोड्रोम, होटल जेम्स प्लाजा सिटी ब्यूटीफुल के दिल कहे जाने वाले सेक्टर सेवन्टीन में सम्पन्न हुई !  जिसमें शहर के विभिन्न सेक्टरों के धनाढ्य युवा जोड़ों ने चेहरे को ढांकते हुए  मास्क से डेकोरेटड,  इंटरनेशनल सालसा डांसर के नेतृत्व में खूब मस्ती फूहड़ता भरा डांस किया ! डीजे सूर्या ने हाजरीन युवाओं को पूरी शाम थिरकने पर मजबूर रखा ! 
                   सारा  माहौल कार्निवाल जैसा बना  रहा !  हिप्पोड्रोम में युवाओं ने अपने अपने  वैलेंटाइन के साथ शाम रंगीन बना दी !! लेकिन होटल ही नहीं बाहर भी सिटी में कानाफूसी रही कि युवा दूसरों की ही बीबियों या मंगेतरों को भी क्लबों नचाते रहे ! होटल्स के बैरे तक चुस्कियां लेते रहे जब उनहोंने कुछ बिगड़ैल अमीरजादों को पहचाना और ये पाया कि वो किसी और की अमानत के साथ मशग़ूल हैँ और मजेदार बात ये बताई जा रही है कि उनकी अपनी अमानत किसी दूसरे होटलमे दूसरे के पहलू में नशे में झूमती रही ! चटखारे सुन साहिबा सुन। .,.,तू मेरी धुन मैं तेरी धुन की यथास्थिति का सबने खूब मजा लिया और एन्जॉय करते रहे ! बरसात  और घरवालों की सख्त मुस्तैद निगाहों के आगे अनेकों कुँआरीआं ते ब्याहियाँ मन मसोसती रहीं ! और बेदर्दी बना वेलेंटाइनडे इतराता  हुआ इठलाता हुआ मुंह बेचारियों का चिढ़ाता हुआ करीब से ही गुजर गया !  

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